स्थाईकरण की मांग पर कमरहट्टी व टीटागढ़ पालिका के अस्थाई सफाई मजदूरों का आंदोलन।

 

कमरहट्टी व टीटागढ़ नगरपालिका के अस्थाई सफाई मजदूरों ने वेतन बढ़ाने और स्थाई कर्मचारी की तरह उन्हें भी नियुक्त करने की मांग सहित कई मांगों को लेकर सोमवार अपना कामकाज बंद कर आंदोलन किया।

कमरहट्टी के अस्थाई सफाई मजदूर ने नगरपालिका के मुख्य गेट व पिछे की गेट पर ताला बंदकर वहां बैठ गये। उस वजह से अन्य स्थाई कर्मचारी, पार्षद, व  पालिकावासी अंदर प्रवेश नही कर पाये। सुबह छव बजे से 11 बजे तक उनका आंदोलन-नारेबाजी चलता रहा। वही न्युनतम वेतन 10 हजार करने की मांग पर टीटागढ़ नपा के अस्थाई सफाई मजदूरों ने शुक्रवार से अपना काम ठप कर आंदोलन छेड़ रखा हैं। दोनों ही पालिका के मजदूरों का दावा है कि वे 15-16 साल से अस्थाई सफाई मजदूर के रुप में काम कर रहे हैं, उन्हें मात्र 225 रुपया दैनिक मजदूरी मिलती है। उन्हें गंदा काम करना पड़ता है, लेकिन उस हिसाब से उनकी वेतन नही बढ़ती। उन्हें इतना कम वेतन मिलता है कि परिवार का भरण पोषण, बच्चों की पढ़ाई नही हो पाती। कमरहट्टी के पालिका प्रधान गोपाल साहा ने हस्तक्षेप कर नपा गेट पर बंद ताला खुलवाया। उनका कहना है कि लोकसभा निर्वाचन का ऐलान होने से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, इसलिए आंदोलनकारियों को वे किसी भी प्रकार का आश्वाशन नही दे पाये। उनका आरोप है कि राजनितिक मतलब से चुनाव घोषणा के अगले ही दिन मजदूरों को बर्गला कर आंदोलन करवाया गया है। वही टीटागढ़ के पालिका प्रधान प्रशांत चौधरी ने कहा कि हर साल की तरह इस साल भी मार्च महीना में अस्थाई सफाई मजदूरों की वेतन बढ़ाई जायेगी। उनका आरोप है कि किसी पार्टी के उकसावे में आकर वे कर्मी काम बंद किये है, पहले उन्हें अपना काम आरंभ करना पड़ेगा, फिर उनकी मांगों को लेकर चर्चा होगी।